तू ही मेरा बण श्यामा

वे मैं होर की तेरे कोलों मंगा
तू ही मेरा बण श्यामा
मैं तेरे ही रंग विच रंगा
तू ही मेरा बण श्यामा

नित नित वधे श्यामा तेरी मेरी प्रीत वे
होर सब भुल जाण तू ही मेरा मीत वे
हुण नित ही तेरी खैर मन्गा
तू ही मेरा बण श्यामा
वे मैं..........

मुँहों नहीं बोलणा मैं तेरे नाल प्यार वे
अपणी यह जिंद मैं दियां तेरे उतो वार वे
हुण तेरियां ही प्रेम उमगां
तू ही मेरा बण श्यामा
वे मैं............

हुण नहीँ रह सकदी तेरे कोलों दूर वे
दिल ने कसूर कीता मैं मजबूर वे
नित बल्दी मैं बण बण पतंगा
तू ही मेरा बण श्यामा
वे मैं..............

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