गुरु वन्दना

मेरे दंडीस्वामी जी मुझे राधे चरण अनुराग हो
मेरे श्री महाराज जी अब ऐसा मेरा सौभाग् हो

श्यामाश्याम की सेवा अब दीजो
युगल चरण अनुराग अब कीजो
आपका है आसरा आपका भरोसा
आपकी शरण फिर जागें मेरे भाग हों
मेरे दंडी स्वामी जी.......

चरणों में आपके रख दिया सर है
मेरा उद्धार गुरूवर अब आप पर है
रखलो या तार दो आपकी है मर्ज़ी
आपकी शरण फिर जागे मेरे भाग हों
मेरे दंडी स्वामी जी..........

आपका ही धाम अब आपकी शरण है
आपके ही कदमों में मेरा समर्पण है
सेवा अब आप दो दासों को अपनी
आपकी शरण फिर जागें मेरे भाग हों
मेरे दंडी स्वामी जी........

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