हूँ गुनहगार
मेरे दर्द की अब दवा दो मुझे
हूँ गुनहगार तो सज़ा दो मुझे
मेरे गुनाह लाखों हैं ये मैंने माना
तुम बख्श देते हो दिखा दो मुझे
हूँ गुनाहगार अब सज़ा दो मुझे
मेरे दर्द........
कहीँ कभी दर्द जानलेवा ना बन जाए
वक़्त रहते ही साहिब हटा दो मुझे
हूँ गुनहगार अब सज़ा दो मुझे
मेरे दर्द .........
नहीं सिमटना किसी ख्वाहिश में कभी
मेरे महबूब अब बिखरा दो मुझे
हूँ गुनहगार अब सज़ा दो मुझे
मेरे दर्द ..........
मौसम ए वफ़ा में हसरतें भी मेरी बहकी
अब महक अपनी से महका दो मुझे
हूँ गुनाहगार अब सज़ा दो मुझे
मेरे दर्द..........
मिल जाये मुझको भी महबूब मेरा
सब मिलकर यही दुआ दो मुझे
हूँ गुनहगार अब सज़ा दो मुझे
मेरे दर्द..........
बनके नासूर दर्द मुझको दर्द देता है
अगर दवा नहीं तो दफना दो मुझे
हूँ गुनाहगार अब सज़ा दो मुझे
मेरे दर्द ........,
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