बांवरे नैना

बांवरे नैना रात दिन बहते
सांवरे से दिल की बतियाँ कहते

रैना सारी जाग जाग काटूं
आये पिया न आई कोई पाती
लिख लिख कितने सन्देस भेजे
हाय मेरी नहीं पीड़ा जाती
जान पिया जाने को आई
तेरे विरह की पीड़ा सहते
बांवरे नैना.......

पिया पिया कहते कई युग बीते
आओ पिया क्यों देर लगाई
मुश्किल हुआ जीना अब पल भर
कब सुधि लोगे मेरी कन्हाई
कभी ढूँढू तुम्हें पात पात में
कभी लगे हृदय में ही रहते
बांवरे नैना.........

विरह अग्नि में जल गयी प्यारे
रोम रोम तेरा नाम पुकारे
अब मत करना तुम देरी
बह गए अब नैना कजरारे
मन की पीड़ अब सही न जाये
प्राण ही जाएँ कहते कहते
बांवरे नैना........

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