चरण रज मिल जाये
बड़ी उदास बैठी तेरी बाँवरी
नैन कटोरे भर भर आए
महारास की रात सखी जी
पिया बिना हाय कैसे भाय
युगल दरस की प्यासी अखियां
बात ना और कोई आए
राधे रानी ठौर तेरो अब
और कहा दासी जाय
नैनन ते मैं राह बुहारूँ
आज प्रियप्रितम आएं
यही आस बांवरे मन की
युगल चरण रज मिल जाए
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