जा री बदरिया
जा री बदरिया बरस बरसाने
करले किशोरी के दरस बरसाने
मेरो लगो अब चित बरसाने
सेवा मिले श्री जी हित बरसाने
करले मयूरा तू नृत बरसाने
बरस रह्यो अमृत बरसाने
आये हुए सब देव बरसाने
करे किशोरी जी को सेव बरसाने
खिल गए सभी कमल बरसाने
रसिक नैन भए सजल बरसाने
बाजत मृदंग ढोल बरसाने
कोयल करे कलोल बरसाने
चल मेरे मन तू भी चल बरसाने
ध्यान किशोरी पद कमल बरसाने
मोहे बुलाए लीजो बरसाने
चरण बिठाये लीजो बरसाने
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