ना देखो

ना देखो ऐसी नज़रों से
मुझे खुद की खबर ना हो

क्यों खोजते है कोना कोई
बसा तू जिधर न हो

कब से बचाया दिल को
की तेरा असर न हो

पर अदा तेरी कुछ ऐसी थी
मुझसे ही सबर न हो

खो जाऊ मदहोशी में तेरी
दुनिया की फिकर न हो

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