श्यामा चरणों में मुझको

श्यामा चरणों में मुझको टिकाना मिले
मै जहाँ भी रहूँ बरसाना मिले

अब चाह मेरे मन में ये पले
तेरे चरणों की मुझे सेवा मिले
नित चरणों में सिर को झुकना मिले
मैं जहा.........

तेरे दर से ये रिश्ता कभी टूटे ना
तेरा पकड़ा है दामन कभी छूटे ना
तेरे दर मुझे आशियाना मिले
मैं जहाँ........

तेरे महलोँ की मुझको मिले चाकरी
अब आस लगाई बैठी ये बाँवरी
तेरे दर पे मुझे सेवा निभाना मिले
मैं जहाँ.......

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