आनन्द ही आनंद
आनंद ही आनंद होय मन में
जो जाय श्यामा के चरणन में
बड़भाग से युगल दर्शन पायो
जीवन अपना सफल बनायो
नित ध्यान रहे इन चरणन में
आनंद ही.......
नैनन में छवि बस जाये ऐसे
हो सुग्घ्नद पुष्पों में जैसे
निश्छल सी तेरी मुस्कान में
आनंद ही........
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