तेरी कृपा दृष्टि से
ध्यान तो वाको करिये जो ध्यान में नाय होय
जो रहे हर समय साथ ही प्रेम ही ध्यान होय
मेरो पाप अनन्त होये कछु कम नाय होय
सब तुमको सौंप दियो तुम ही सुध लो मोय
लोभ मोह अभिमान का बंधन ऐसो होय
मेरो काटे न कटे तेरो काटे होय
ये बाँवरी कछु जाने नाय बस रात दिन रोय
प्रेम तेरे में डूब रही अपनी सुध बुध खोय
आन पड़ी तेरे चरणन में तुम्ही संभालो मोय
चाह मेरी सो हो जाय ऐसो कछु नाय होय
तेरी कृपा की दृष्टि से जो कछु होय सो होय
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