मदहोशी

ऐसी मदहोशी छा रही है
मयकदे से तेरे आते हुए

हम खुद को भूल रहे ऐसे
देखा जो तुझे पास आते हुए

गूंजती थी कानों में आवाज़ कोई
सुन रही हूँ सनम तुझे बुलाते हुए

दौर ऐसे आ गए मोहबतो में
पा रहे तुझे खुद को लुटाते हुए

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