सजता है जब यार मेरा

सजता है जब यार मेरा
तब दुनिया देखती रह जाए

हुस्न ऐसा की बयाँ न हो
बस आँखें तकती रह जाए

चाँद सूरज भी फीके लगे है अब
जो देखे ले देखता ही रह जाए

कैसे बयान होगा लफ़्ज़ों में
शौकीन की कोई कसर न रह जाए

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