यूँ नहीं आना

यूँ नहीं आना तो कभी सपनें में मिल जाओ
इस प्यासी रूह को तेरा दीदार हो

क्यों हसरतें  उठ रहीं तुमसे मिलने की
क्या तुम भी मिलने को बेकरार हो

आओगे तो तो फिर लौटने नहीं देंगे तुम्हें
इस रूह के मालिक मेरी सरकार हो

तेरे एहसास से ही थोडा सकून मिले
दो एहसास ही गर तुम्हें दरकार हो

बिखरी है ख़ूबसूरती तुमसे ही कायनात में
तुम ही गुल हो तुम ही गुलज़ार हो

तुम ही बन जाओ मेरी धड़कन अब
कब तुम मेरी नज़रों में गिरफ्तार  हो

तुमको छोड़ अब सजदा करूँ किसको
तुम ही खुदा हो मेरे तुम मेरे यार हो

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