खिलौना

खिलौना
हाँ यही तो हूँ
तुम्हारा ही खिलौना
जैसे चाहो खेलते हो
खेलो
तुम्हारी ही तो हूँ
और कहाँ जाऊँ
तुम्हारे लिए ही हूँ
खेल लो
कभी हँसाए
कभी रुलाए
कभी लिखवाए
कभी ना जाने क्या क्या
हाँ
मर्ज़ी तुम्हारी ही
क्योंकि
चाबी तो तुम्हारे ही पास है
मेरा दिल
वही तो ले गए
और अब
मेरा भी क्यों कहूँ
तुम्हारा ही तो है
जैसे तुम चाहो
तुम्हारे लिए सब
क्योंकि तुम मेरे हो
मेरे कान्हा

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