चलिहो देवी कात्यानी को पूजन
चलिहो देवी कात्यानी को पूजन होय रही सखी भोर
देवी आशीष से ही मिलिहे नन्द नन्दन चितचोर
हाथ पकर लीजो थाल एकहुँ पत्र पुष्प दीप धूप
देवी कृपा के पाईये प्रीतम मोहन प्रेम अनूप
मैं ग्वार ग्वालिन ब्रज को पूजन विधि ना जानूं
नन्द नन्दन मेरो प्राणनाथ सखी प्रीतम अपनों मानूं
देवी कात्यानी एहि वर चहवुं मोहन प्रीत नित पाऊँ
प्राणधन नन्दकिशोर होय मेरो नित बलिहारी जाऊँ
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