आ गयी गगन में

आ गयी गगन में कारी बदरिया
हाय बिरहन की लीन्हीं ना खबरिया

मेघ समान नैन मोरे बरसे
जिया तुझे मिलने को तरसे
काहे बसे पिया दूर नगरिया
आ गयी गगन में कारी बदरिया
हाय बिरहन की लीन्हीं ना खबरिया

पिया तुम बिन आवे नाँहि चैना
मग जोवत मेरे व्याकुल नैना
कान सुने नाँहि तेरी बाँसुरिया
आ गयी गगन में कारी बदरिया
हाय बिरहन की लीन्हीं ना खबरिया

मोहन तेरे ही रंग मोहे रँगना
देख पुकारे पायलिया और कँगना
सिर पर ओढाय दीजो अपनी चुनरिया
आ गयी गगन में कारी बदरिया
हाय बिरहन की लीन्हीं ना खबरिया

तेरे वन की मोहना मैं हिरणी
बिन तेरे व्याकुल तेरी विरहणी
रैन दिन रोवे तेरी बाँवरिया
आ गयी गगन में कारी बदरिया
हाय बिरहन की लीन्हीं ना खबरिया

Comments