क्यों लौटा दिया
क्यों लौटा दिया है दर से
मुझे अपना ही बना लो
क्यों दूर हो यूँ मुझसे
मुझे पास ही बुला लो
तेरी ही है आस मुझको
अब किसको और देखूं
इक बार मुझको देखो
बस इक नज़र मिला लो
क्यों लौटा दिया......
तुझे चाहने वाले लाखों माना
पर मेरे एक तुम हो
अब तेरी रज़ा में राज़ी
मिटा दो या अब बना लो
क्यों लौटा दिया....
मैंने अपना चैन खोया
जब से नज़र मिलायी
तुम हस्ते ही रहो प्यारे
मुझे चाहे यूँ रुला लो
क्यों लौटा दिया.....
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