ऐसी दीवानगी

सब उलझनें हटा दो
मुझे अब तो तुम मिटा दो
मुझे रहना नहीँ है बाक़ी
मेरी हस्ती ही हटा दो

कर दो खामोश मुझको
मेरी जुबां ना बोले अब
नही चाहिए वो जिंदगी
जिसमें दीदार तेरा ना हो

मेरी दीवानगी है कैसी
क्या तुझको खबर नही है
अब तो खबर लो मेरी
सब चिलमने हटा दो

चाहे जैसे भी दिन आएं
तेरी कशिश ना कम हो
तुझे चाहना जी जिंदगी भर
अब मकसद मेरा बना दो

जिसे चाहते हो तुम ही
वो ही चाहेगा तुमको
ऐसा सुना है मैंने
सच है अगर दिखा दो

यूँ ही तड़प रहे तेरी
यूँ ही जिंदगी भर चाहूं
यही हसरतें रहें उम्र भर
ऐसी दीवानगी बना दो

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