तेरी उम्मीद

तेरी उम्मीद कितने इम्तेहान लेती है
जिन्दा नहीँ हूँ फिर भी जान लेती है

जाने क्या कशिश है नज़रों में तेरी
दीवाने हैं तेरे यूँ ही पहचान लेती है

यूँ तो एहसास है दीदार नहीँ हुआ तेरा
मेरी दीवानगी तुझे अपना मान लेती है

दिल में ही रहते हो अब ख्याल बनके तुम
नाम तेरा कहां ये अब जुबान लेती है

तेरा एहसास ही नहीँ काफी अब मेरे लिए
रूह मेरी बस तेरे ही अरमान लेती है

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