बिखर न जाएं हम

बिखर न जाएँ हम कहीं थाम लो प्यारे
एक पल भी न रह सकते हैं बिन तुम्हारे

हरेक साँस बस तेरा ही नाम लेती है
हरेक साँस बस मोहन तुझे ही पुकारे
बिखर न जाएँ......

ये भी सच है हमें इश्क़ का इल्म न हुआ कभी
इश्क़ की बाज़ी में तुम जीते मोहन हम हारे
बिखर न जाएँ .......

जाने क्यों दर्द भी अब अज़ीज़ लगने लगे
ले लो मेरी खुशियाँ अपने गम दे दो सारे
बिखर न जाएँ ......

तुमको है इश्क़ ये इस दिल को ऐतबार है
बस इसी आस में कट जाएँगे दिन मेरे सारे
बिखर न जाएँ ........

क्यों ये दिल बार बार तेरे लिए रोता है
क्यों तुम हो गए हो मुझे जान से भी ज्यादा प्यारे
बिखर न जाएँ हम कहीं थाम लो प्यारे
एक पल भी न रह सकते हैं बिन तुम्हारे

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