एक बार तो आकर देखो
एक बार तो आकर देख कैसे रहते हैं
दर्द आँहें और ताहने सब कैसे सहते हैं
तेरे इंतज़ार में जान भी न जाती
यूँ ही बेहाल से तड़पते रहते हैं
एक बार तो ....
तेरे इश्क़ की आग में जल रहे हैं
आँखों से अश्क़ ही बहते रहते हैं
एक बार तो.....
किसको सुनाएँ हम हाल ए दिल भला
लफ़्ज़ों में ही दर्द हम कहते रहते हैं
एक बार तो ....
एक बार तो आकर देख कैसे रहते हैं
दर्द आँहें और ताहने सब कैसे सहते हैं
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