वन्दौ श्री राधे चरणार

वन्दौ श्री राधे चरणार
जाके चरण चापत मनमोहन हर्षत नित्य अपार
नख शिख सों बरसत रहयो नित्य प्रेम रसधार
अति भोरी सुकुमारी राधा मनस्विनी अति उदार
मनमोहन कांपत रहयो देख स्वामिनी भृकुटि विहार
करुणामयी राधिका किशोरी कण्ठ लावे करे दुलार

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