बाँवरी अखियां
बाँवरी अखियाँ बाट निहारें आयो न सुंदर श्याम
बिरहनी बैठी क्षण क्षण अकुलावे हाय पिया तेरो नाम
तन मन की सुधि सारी बिसरी भुलयो सकल आराम
कारी बदरिया मो सँग रोवै गगन माँहि आयो घन श्याम
पिय पिय टेर लगाय राखूँ मोहे पिया सों ही काम
कोऊ पिया से जाय मिलाय दो पग जूती कीजौ मेरो चाम
बाँवरी रोय रोय तोहे पुकारे पिय चरण ही मेरो बिसराम
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