नाथ मोहे अबकी बार उबारो

नाथ मोहे अबकी बेर उबारो
पतित अधम हूँ पर हूँ तिहारो
मोहे ना श्याम बिसारो
नाथ मोहे .......

अवगुण की मैं खान हूँ नाथा
हाथ पकर मोहे कीजो सनाथा
मेरी बिगरी आन सवारो
नाथ मोहे........

भव बन्धन काटो मेरे मोहन
चरणन सेवा माँहि लगे मेरा मन
थोरी सेवा पाऊँ तिहारो
नाथ मोहे ........

जन्म जन्म की पूँजी हो मोहन
तुम ही प्रियतम मेरे प्राणधन
तुम ही मेरो भरतारो
नाथ मोहे .........

साची प्रीत चरणन की मैं पाऊँ
नाथ मैं नित बलिहारी जाऊँ
तुम पर तन मन वारो
नाथ मोहे अबकी बेर उबारो
पतित अधम हूँ पर हूँ तिहारो
मोहे ना श्याम बिसारो
नाथ मोहे ......

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