क्यों जवाब नहीं मिलता
क्यों जवाब नहीं मिलता
क्यों खामोश हो तुम
मैं होश में नहीं तो
क्या बेहोश हो तुम
नशा क्यों मुझे है
क्या मदहोश हो तुम
कब रूह को सुकून हो
कब आगोश हो तुम
ये तो मेरा घर नहीं
क्या खानाबदोश हो तुम
रवायतें टूट रही इश्क़ की
जाने क्यों सरफ़रोश हो तुम
रहते हो चिल्मनों में जाने क्यों
बताओ क्यों नकाबपोश हो तुम
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