साहिब चले आया करो

मेरा दिल ही तेरा घर है
साहिब चले आया करो

यूँ न सताओ यूँ न रुलाओ
छोड़ कर न जाया करो

कैसे भला जी पाएंगे हम
न इतना हमें सताया करो

भूलें तो सब जग ही भूलें
ना अपना नाम भुलाया करो

कब तक तेरा इंतज़ार करें
कभी तो बिन कहे आया करो

पर्दा तुमको है अज़ीज़ बहुत
मत पर्दे में छिप जाया करो

हम तो तुमको याद आते नहीं
पर तुम हमें याद आया करो

अब हम तो तुम पर मिट ही गए
कुछ दिल के दर्द मिटाया करो

जख्म हैं इश्क़ के कितने देखो
कभी मरहम भी दे जाया करो

नहीं आना तो भी मर्ज़ी है तेरी
चलो ऐसे ही हमें तड़पाया करो

हर मर्ज़ी कबूल है हमें तेरी ही
बस तुम ख़ुशी से मुस्कुराया करो

Comments

Popular posts from this blog

भोरी सखी भाव रस

घुंघरू 2

वृन्दावन धाम की महिमा