जब मझधार में

जब मझधार में डूबे कश्ती किनारा खो जाए
श्यामाश्याम इक नाम तेरा सहारा हो जाए
जब मझधार.......

जीवन मेरा अब आपकी ही अमानत है
रखा है कदमों में ये आपकी इनायत है
नाम आपका ही निकला कोई नाम पुकारा है
जब मझधार .......

एक भी पल हो नहीं तेरा नाम जो भूलूँ
एक भी दिन हो नहीं तेरे प्यार बिन जी लूँ
छोड़ दिया इस दुनिया को यहां कौन हमारा है
जब मझधार...........

आपकी सेवा मिले बस ये तम्मना है
चाकरी में आपकी अब मुझको रहना है
एक तेरी चौखट बिना मेरा कहाँ गुज़ारा है
जब मझधार .........

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