आलि री ! किस विधि प्रीतम पाऊँ

आलि री ! किस विधि प्रीतम पाऊँ
दरस बिना मोरे नैना दुखें ,कैसो धीर धराऊँ ।
आलि री ! किस विधि प्रीतम पाऊँ।

रैन बिताऊँ नैना माँहि ,प्रीतम बिन अकुलाऊँ ।
आलि री ! किस विधि प्रीतम पाऊँ ।

बाँवरी बिरहन की सुधि लीजो ,तेरो ही आस लगाऊँ ।
आलि री ! किस विधि प्रीतम पाऊँ।

कौन घड़ी मेरो प्रीतम आवे ,पुनि पुनि द्वारे जाऊँ।
आलि री ! किस विधि प्रीतम पाऊँ।

प्रीतम कीन्हों विलम्ब अति भारी,प्राण ना देह रखाऊँ।
आलि री ! किस विधि प्रीतम पाऊँ

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