ना बोलूँ रे

ना बोलूँ रे
पिया तोसे
ना बोलूँ रे

काहे ऐसो नेहा लगाया
सुधि बुधि खोई बाँवरी बनाया
व्याकुल हुई इत उत डोलूँ रे
ना बोलूँ रे
पिया तोसे
ना बोलूँ रे

बड़ो निष्ठुर कारो कन्हाई
काहे मैं तोसे प्रीत लगाई
कैसे पट हिय की खोलूँ रे
ना बोलूँ रे
पिया तोसे
ना बोलूँ रे

सावन आया छाई बदरिया
तेरे बिन बीत चली उमरिया
कैसे अकेली झूले झूलूँ रे
ना बोलूँ रे
पिया तोसे
ना बोलूँ रे

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