आज सखी पिया

आज सखी पिया आये मोरे अँगना
टूट गयी चूड़ी खनक गयो कँगना
आज सखी .....

सजना संग मेरी प्रीत पुरानी
प्रीत सजन मोहे तोसे निभानी
अब मोहे तेरे ही रंग में रँगना
आज सखी पिया आये मोरे अँगना
टूट गयी चूड़ी खनक गयो कँगना
आज सखी .....

साँस साँस मेरी पिया पिया गाये
तुम बिन पिया मोरे चैन ना आवे
तुम ही सिंगार तेरे लिए सजना
आज सखी पिया आये मोरे अँगना
टूट गयी चूड़ी खनक गयो कँगना
आज सखी .....

पिया पिया रटती बाँवरी भई मैं
पिया बिन जागी रतियाँ कई मैं
सोऊँ तो देखूँ पिया तेरा सपना
आज सखी पिया आये मोरे अँगना
टूट गयी चूड़ी खनक गयो कँगना
आज सखी .....

लाज की मारी मर मर जाऊँ
पिया तोसे नहीं अखियाँ मिलाऊँ
हाल छिपाऊँ पिया से सखी अपना
आज सखी पिया आये मोरे अँगना
टूट गयी चूड़ी खनक गयो कँगना
आज सखी .....

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