आये हैँ वो पहलू में

आयें हैँ वो पहलू में तो शिकवा न करेंगें
वो चाहते हैं इश्क़ तो हम इश्क़ करेंगें

हम तो जी रहे हैं उनकी मोहबतें
उन पर फ़िदा न होंगें तो क्या करेंगें
आये हैँ वो .......

हर और ही होता है हमको दीदार ए यार
अच्छा हुआ है अब उन्हें ढूँढा ना करेंगें
आयें हैं वो ........

हम तो बीमार हो चुके अब उनके इश्क़ में
मीठा है इतना मर्ज़ ये हम दवा न करेंगें
आयें हैं वो .........

हर साँस में घुला है महबूब इस क़दर
तेरा नाम हो गर दिल में तो ज़िन्दा रहेंगें
आयें हैं वो ........

हमको शिकायतें क्या उस शोख नज़र से
उसकी मोहबत का हम भी इकरार करेंगें
आयें हैँ वो ........

अब उसकी मोहबत ही ज़िन्दगी है बस मेरी
ज़िन्दा हैं उसके नाम से उसकी चौखट पर मरेंगें
आयें हैं वो पहलू में तो शिकवा न करेंगें
वो इश्क़ चाहते हैं तो हम इश्क़ करेंगें

Comments