लाख चाहतें हैं ज़माने की , कोई आरज़ू ए मोहबत कहाँ है तेरी याद न जाए इस दिल से , ऐसी कोई आदतें कहाँ हैं कभी अश्क़ मेरे बहते , दिल की कहानी कहते कभी तेरे लिए रोती , गर मुझको मोहबत होती कभ...
रूप की ये दोऊ राशि कौन मुख कहूँ सखी निरख निरख सखियन के नयन सिरात हैं। भर भर लीजो दृगन माँहिं एह छब सखी बाँवरी कहे सखियन के हिय ललचात हैं।। ऐसो रस बरसत है युगल छवि देख सखी नयन भ...
दर्द ए बेकरारी मेरे कम न कीजिए मेरी बस यही तमन्ना मुझे फनाह कीजिए जो तुम नहीं मेरे तो किस कम की है जन्नत मुझको अपने दिल में थोड़ी जगह दीजिए दर्द ए बेकरारी ....... रग रग में बस तपिश हो ...
रसिकन के उर प्राण श्री राधा टेरत मुरली की तान श्री राधा प्रेम रस सिंधु समान श्री राधा मनमोहन का मान श्री राधा नित्य नवल किशोरी श्री राधा नवल नागरी है भोरी श्री राधा करत प्र...
दीन दयाला प्रभ कृपाला तुमसों कौन जगत माँहिं पाया भव सागर माँहिं डोलत मेरो नैय्या आपहुँ पार लगाया नाम रूपी डोरी ते बाँधत ही हरि मोहे आन बचाया जन्मन की जड़ता मेरो नासी हरि ना...
जीवन की हरती है सब बाधा सुना मोहन की मुरली में राधा राधा सुना राधे रानी प्रेम स्वरूपा महाभाविनी रस रूपा चरणों की मिलती है सेवा जिसने भी मन से साधा सुना जीवन की ...... मोहन के मन क...
जय जय वृन्दावन धाम परम् सुख खान । कीजौ कृपा मो पतित जन पड्यो शरण तेरी आन ।। जय जय श्री वृन्दावन तुम्हीं सों मेरो ठौर । बलहीन आश्रयहीन हूँ मैं पतितन को सिरमौर ।। जय जय श्री वृन...
वृन्दावन की रज की महिमा बड़ी अपार ! या रज शिव ब्रह्मा राचत गोपी करे बुहार !! कृपा बड़ी होवै ब्रजरज की देवे प्रेम साकार ! एको मन्त्र तंत्र होवै ब्रज को राधा नाम आधार !! बाँवरी कहे नाम ...
कहाँ गई कहो सखे मम हिय की बिरह पीर दृगन जल ऐसो सूख गयो बाँवरी भई अधीर कौन चुरावे लेय गयो सखी मेरो बिरह ताप जलत न हिय पाथर मेरो उठे नाँहिं संताप पिय बिन कोऊ पीर नाँहिं किधर गयो ...
कोटि कोटि रसना देयो बिधना हर रसना सों राधे गाऊँ और कोय देव ध्यान न धरूँ अपनी कुँवरी किसोरी मनाऊँ जिस विधि रीझे मेरी श्यामा सोई विधि सुख सों अपनाऊँ राधे किसोरी नेह दीजौ चरण...
छोड़ गयो बलमा मन नाँहिं माने बलमा अनारी हिय की बतियाँ न जाने छोटी छोटी बुँदियाँ बरसे उर आनन्द न समाने बिरहन बैठी रोय रहे सब लागे रे बिराने अखियां बरसे झर झर हिय नाँहिं माने ...
अपने अश्कों का एक कतरा नहीं गिराना है हाँ मुझे इस इश्क़ की आग में जल जाना है तेरे बगैर कितनी मुद्दत जी लिया मैंने भर भर जाम अश्क़ों का पी लिया मैंने बेवजह जिंदा हूं मुझे आज मर ज...
श्रीराधामाधव मेरे प्राण आधार श्रीराधामाधव सकल सुख सार श्रीराधामाधव पावन यह नाम श्रीराधामाधव चरण बिसराम श्रीराधामाधव रसना सों बोल श्रीराधामाधव उरअन्तर पट खोल श्री...
फिर एक चिंगारी ने दिल जलाया मेरा हवाओं ने भी मुझे नाम याद दिलाया तेरा तेरे ही नाम से शुरू होती बेचैनी मेरी हुआ सुकून मुझे जब नाम याद आया तेरा फिर एक चिंगारी ........ मुझको क्यों टू...
हूँ पतित मैं कोटि जन्म से नाथ सच तो यह है कि तुमको पुकारा नहीं आ ही जाते हृदय पट खोले नहीं मन मंदिर में तुमको पधारा नहीं तेरे मिलने में तो कोई देरी नहीं ऐसी भक्ति बनी नाथ मेरी ...
कभी सोचा तुमको पत्र लिखूं लिखने कोई उठा ली हृदय की कलम फिर सोचा आज क्या लिखूँ कई बार लिखा तुमको कभी अश्रु की स्याही से कभी कभी तो सब अक्षर ही धुल गए पर तुम तो समझ लेते हो न क्या ...
जो सुख होय राधा नाम में सकल जगत में नाँहि बाँवरी बन ब्रज रज में लौटूँ मन बसे ब्रज माँहि राधा राधा नाम रटे ये जिव्हा राधा चरण ध्याऊँ ब्रज ठकुरानी मेरी किशोरी गुण सदा तेरे गाऊ...
सकल व्यसन छूटे मेरो राधा नाम सों व्यसन लागै अति भारी बाँवरी होय टेरत रहूँ राधे राधे जे विनती सुन लीजौ अबहुँ प्यारी चरण तेरे माँहि ध्यान मग्न रहे राखो ऐसो मोहे बरसाने वारी ...
राधा नाम मिसरी सों मीठो कैसो कोई रस पावै कुँवरी किशोरी कृपा करें तबहुँ राधा नाम कोई गावै दोऊ अक्षर का नाम होय राधा प्रेम रस सिंधु अपार राधा राधा नाम जपत ही होवै भव सों तेरौ उ...
कौन हूँ मैं नहीं जानती सच में नहीं ज्ञात मुझे मेरा अस्तित्व स्वयम को कभी जाना ही नहीं बहुत रूप बदले बहुत नाम बदले बहुत स्थान बदले बहुत सम्बन्ध बदले परन्तु कोई स्थिर ही न थ...
काश!!! काश मुझे तुमसे इश्क़ होता मैं बह जाती उस नदी की धारा में वो प्रेम नदी तुम्हीं थे न हाँ तुम्हीं थे कितना पुकारा था तुमने मुझे सुना था इस हृदय ने पर सुनकर अनसुना कर दिया तु...
क्या तुमसे इश्क़ करना कोई खता मेरी तनहाइयाँ रुसवाईयाँ ये क्यों सज़ा मेरी भीगी रहती हैं आँखें पल पल दिल जलता है तुमसे मिलने का ख़्याल क्यों दिल मे पलता है जिन्दा हूँ पर नहीं है ...
मेरा विश्राम...... क्या मुझे प्रेम हुआ तुमसे पुनः पुनः प्रश्न किया स्वयम से नहीं नहीं नहीं हुआ मुझे तुमसे प्रेम न हुआ होता तो कभी लौट पाती सुना है प्रेम दो को एक करता है प्रेम ह...
वृषभानु दुलारी मेरी श्री राधा प्यारी !! अति सुकुमारी मेरी श्री राधा प्यारी !! बरसाने वारी मेरी श्री राधा प्यारी !! दीजौ न बिसारी मेरी श्री राधा प्यारी !! कँचन वर्णी मेरी श्री रा...