आप की इनायतें

आप की इनायतें तो कम नहीं हैं
नज़र भर निहार लें ऐसे ही हम नहीं हैं

आपने तो कभी हमें दिल से न भुलाया
पर तेरा ही पता क्यों इस दिल न पाया
बेवफ़ा ऐसे कि बिछड़ने का गम नहीं है
आप की इनायतें.......

काश कभी समझते हम इश्क़ का फ़लसफ़ा
बेसमझ ही रहे हम कोशिश की जितनी दफ़ा
दिल मे दर्द न कोई और आँख नम नहीं है
आप की इनायतें......

लिखने को पास मेरे बेवफ़ाई के किस्से हैं
लम्बी सी खामोशियाँ ही अब मेरे हिस्से हैं
टूटी सी हसरतों में भी कोई दम नहीं है
आप की इनायतें तो कम नहीं हैं
नज़र भर निहार लें ऐसे ही हम नहीं हैं

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