पिय बिन काहे रखिहै तन प्राण
प्राण न निकसत काहे विधना तड़पत मीन समान
मोहना ही वैध प्रेम रोग का आपहुँ कीजौ निदान
बाँवरी प्रेम करे है झूठो साँचो न लीजौ जान
जिस विधि राखो मोहन प्यारे सोई विधि कल्याण
अपनी प्रिय स्वामिनी जु प्यारी जु श्रीराधा जु को उनकी सखी कहती है प्यारी जु मोय क्या स्वप्न आय रह्यो। प्यारी जु सखी के मुख की ओर देखने लगती है और उत्सुक हो जाती है कि सखी के हृ...
2 हे स्वामिनी जू ! मुझ अधम पर कृपा करो। मेरामन इस संसार के विषय विकार से हटा दो लाडली जू। मुझे आपके चरणों का अनुराग प्राप्त हो जावे। आपका नाम ही मेरा धन हो जाये किशोरी जू । जानती...
वृन्दावन धाम की महिमा क्या कोई गायेगा जिस पर दया करें मेरी श्यामा वही बुलाया जायेगा कीजो प्रणाम जी यमुना महारानी को श्याम प्रिया कालिंदी है इस रस रानी को ये जब कृपालु हों ...
Comments
Post a Comment