किशोरी अब सुधि लीजो आय

किशोरी!अब सुधि लीजौ आय।
कौन विधि नेह उपजै चरण तिहारे दीजौ मोहे बताय।।
कोऊ जप तप विधि न जाने बाँवरी तोहे टेर बुलाय।
जन्म जन्म की अधमन मूढा बाँवरी करनी सौं शरमाय।।
चरण तिहारे की रज होऊँ अबहुँ याहि आस लगाय।
हा हा करत पड़ी द्वार तिहारे कबहुँ स्वामिनी मोहे अपनाय।।

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