बोझ अहम को भारी Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps February 02, 2020 हरिहौं बोझ अहम कौ भारीदिन दिन बाढ़त दून सवाया हिय सौं न जाय निकारीमद मत्सर विषय भोग वासना सब हिय आनि पसारीनाम भजन कौ रुचि न उपजै भजन लगै अति खारीबाँवरी फिरै जगति बौराई रही हिय मोह ममता डारीकोऊ भाँति हरि भजन बनै न ताड़न कौ अधिकारी Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
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