प्यारे प्रियतम प्राणधन

प्यारे प्रियतम प्राणधन नटवर नवल किशोर
बाँवरी को अर्ज सुनो नेक चितवो मेरी ओर
पिय पिय की रटन करूँ साँझ होय या भोर
अंग भर राखियो प्राणधन बाँवरी करे निहोर

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