तुम ही तुम

तुमसे है तुमसे है ज़िंदगी का सफ़र
तुम ही तुम बस हमसफ़र

दिन भी तू रात तू ....
दिल में उठी बात तू....
रह जाऊँ बस तेरे पहलू में छिपकर
तुम ही तुम बस हमसफ़र

अश्क़ तू हर खुशी भी तू ....
मुझको मिली यह ज़िन्दगी भी तू....
ले चलो न मुझको मुझसे ही चुराकर
तुम ही तुम बस हमसफ़र

इश्क़ तू इबादत भी तू.....
हर दुआ तू हर मन्नत भी तू.....
रख लूँगी तुमको तुम्हीं से माँगकर
तुम ही तुम बस हमसफ़र

ख़ामोशी तू हर बात तू.....
सांसों की हर मुलाकात तू.....
जीती हूँ बस नाम तेरा लेकर
तुम ही तुम बस हमसफ़र

तुम ही तुम


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