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वेणु नाद

*वेणु नाद*        यह वेणु नाद जो छिड़ गया है, समस्त निकुञ्ज को प्रेम रस से आप्लावित कर रहा है।यह वेणु नाद प्रियतम हृदय की प्रेम राशि अधर सुधा से वेणु के एक एक रव में फूंक रहे हैं।ह...

लाल हिय

लाल हिय लाली लसै लाली हिय बसै लाल पुनि पुनि मिलत उमगत पुनहि ज्यूँ कनकलता तमाल पिय पिय टेरत प्यारी भई हिय पिय कौ भाव समाय पुनि पुनि बैठी टेरत रही श्यामा राधा कबहुँ आय भई वियो...

माया को दासा

हरिहौं हम माया कौ दासा कोऊ बल न हमरौ नाथा भव ताप कौ होवै नासा भजन हीन लौटत जग वीथिन  न कोऊ प्रेम पिपासा न जप तप भजन बनै कछु हिय माया को वासा नाचत नाचत थकत जन्मन सौं हिय भरी भारी न...

एकहुँ बार सुनि लीजै

[12/05, 13:27] गौरांग कृपा: हरिहौं हम पतित मलीन भजन हीन भटके जग वीथिन स्वांग बनावें दीन कबहुँ बैठ भजन बने बाँवरी होवै भजन माँहिं लीन कबहुँ लगै हिय चटपटी तड़पत बनै ज्यूँ जल बिन मीन बाँवरी...

है आग लगी

है आग लगी दिल में भारी पर मेरा सुलगना बाक़ी है पीकर मय तेरे इश्क़ वाली थोड़ा सा बहकना बाक़ी है धीरे से सुलगती रहे यह आग है आरज़ू मेरे दिल की यह ही बढ़कर यह आग जला तो दे मुझमें जो मेरी म...

कौन सौं जिव्हा सौं गुण गाऊँ

कौन सौं जिव्हा गाऊँ गुण तेरे साहिब बड़ौ दयाल। पतित उद्धारण नाम तिहारा पतितन लये सम्भाल। प्रेम लुटावन आय धरा पर बना भक्त भेस गोपाल। श्यामाश्याम मिलित तन धारयो गौर बने प्रत...

श्रृंगारिणी विस्तारिणी

श्रृंगारिणी आधारिणी विस्तारिणी सुखकारिणी मनोहारिणी मनोहारिणी मनोहारिणी मनोहारिणी आनन्दिनी सुगन्धिनी वनचन्दिनी सुखकन्दिनी कीर्तिनन्दिनी कीर्तिनन्दिनी कीर्ति...