*वेणु नाद* यह वेणु नाद जो छिड़ गया है, समस्त निकुञ्ज को प्रेम रस से आप्लावित कर रहा है।यह वेणु नाद प्रियतम हृदय की प्रेम राशि अधर सुधा से वेणु के एक एक रव में फूंक रहे हैं।ह...
हरिहौं हम माया कौ दासा कोऊ बल न हमरौ नाथा भव ताप कौ होवै नासा भजन हीन लौटत जग वीथिन न कोऊ प्रेम पिपासा न जप तप भजन बनै कछु हिय माया को वासा नाचत नाचत थकत जन्मन सौं हिय भरी भारी न...
है आग लगी दिल में भारी पर मेरा सुलगना बाक़ी है पीकर मय तेरे इश्क़ वाली थोड़ा सा बहकना बाक़ी है धीरे से सुलगती रहे यह आग है आरज़ू मेरे दिल की यह ही बढ़कर यह आग जला तो दे मुझमें जो मेरी म...
कौन सौं जिव्हा गाऊँ गुण तेरे साहिब बड़ौ दयाल। पतित उद्धारण नाम तिहारा पतितन लये सम्भाल। प्रेम लुटावन आय धरा पर बना भक्त भेस गोपाल। श्यामाश्याम मिलित तन धारयो गौर बने प्रत...