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कोई दिया

सभी दिए जलाते इस रोज़ तुम कोई दिया बुझा दो न बहुत हो गया जलना इसका बाती परे हटा दो न प्रेम का कोई तेल न बाक़ी कैसे रोशन यह होगा करो हवाओं का रुख इधर थोड़ा जोर लगा दो न खाली से दिये मे...

बाहर भीतर

बाहर इक दिया जले भीतर इक दिल मेरा बाहर रोशनी रही ,रहा भीतर सदा अंधेरा कोई पूछे जलने से क्या रुशनाई नहीं होती दिल जलता हो जब इश्क़ में कोई बधाई नहीं होती यही दिल ने महसूस किया ह...

हम दीवानों

हम दीवानों की किस्मत में यूं ही जलना बाक़ी है रूह तक नीलाम हुई इश्क़ में सांसें चलना बाक़ी है हर इक सांस बनी अब दर्द और आहों की बस्ती है हाल देख देख दीवानों सा जाने क्यों दुनिया ह...

हे पतित पावन गौर हरि ३१

हे पतित पावन गौर हरि हम पतितों का उद्धार करो हो दीन अधमों की ठौर तुमहीं नाम करुणाकर साकार करो कृपा करो करुणेश हरि जन्मों की जड़ता कट जाए मन हट जाए विषय विकारों से जिव्हा हरि ह...

कृष्ण विरहणी कृष्ण विहरणी

कृष्ण विरहणी कृष्ण विहरणी कृष्ण विरहणी राधा। क्या राधा जु को श्यामसुंदर का विरह हो सकता है ? नहीं क्योंकि विरह के लिए दो होना आवश्यक है। दो का संयोग होगा तो वियोग सम्भव। पर...

महाप्रभु चैतन्य देव

महाप्रभु श्रीकृष्णचैतन्य नदिया में चन्द्रग्रहण के उत्सव में एक और चन्द्र का उदय हुआ जिस समय प्रत्येक जिव्हा हरि हरि नाम का उच्चारण कर रही थी। यही नदियाबिहारी कलियुग के ...

श्रीकृष्ण नाम

श्रीकृष्ण नाम           श्रीकृष्ण नाम कौन ले सकता है ? किसके हृदय को इस नाम से सुख है ? किसके श्रवनपुटों में नाम अमृत का संचार करता है ? चैतन्य अवस्था को प्राप्त जीव ही श्रीकृष...