सखी सखी सुन न सखी श्यामसुंदर बांसुरी में मुझे पुकार रहे हैं। बांसुरी तो वह नित्य ही बजाते हैं। परन्तु ऐसी तो आज ही सुन रही हूं। तुमने सुना सखी। सुन ले। देख मेरे हृदय में इस ब...
श्री राधा नाम छांड मूर्ख मन कोऊ धन संचय कीजौ एकहुँ ठौर मेरी ब्रजरानी नित वाको नाम ही लीजौ श्री चरणन रज दुर्लभ होय लेय मस्तक धर लीजौ या रज सम कोऊ नाँहि धन साँचो काहे फिर संचय क...
तेरा नाम जपूँ ब्रजरानी राधे इतनी कृपा कर देना द्वार तिहारे पुकार लगाऊँ श्यामा निर्धन की सुधि लेना तेरे दर की करूँ चाकरी होवै यही तृष्णा मन की सेवा का सुख दीजौ स्वामिनी आस ...
तेरी चौखट बिना जाएं कहाँ हम दिल लगा बैठे जगत में कौन है अपना तुम्हें अपना बना बैठे कहो क्या दिल लगाना तुमसे कोई जुर्म है मेरा सदा से समझी जो अपना सदा से वो दिल था तेरा लौटा कर ...
काश कभी मुझे तुझसे इश्क़ होता कभी ये दिल तेरी जुदाई में रोता देखा है मैंने इश्क़ करने वालों का हाल महबूब के बिन क्या गुज़रती है उनपर जुदाई में एक ही सांस आती बस और नाम लेकर जान ह...